नोटबंदी से फ़ायदे से उलट इसे लागू कर ने में रिजर्व बैंक को हज़ारों करोड़ का नुकसान अलग उठाना पड़ा. नए नोटों की प्रिटिंग के लिए रिजर्व बैंक को 7,965 करोड़ रुपए ख़र्च करने पड़े. इसके अलावा नकदी की किल्लत नहीं हो इसके लिए ज़्यादा नोट बाज़ार में जारी करने के चलते 17,426 करोड़ रुपए का ब्याज़ भी चुकाना पड़ा. इसके अलावा देश भर के एटीएम को नए नोटों के मुताबिक कैलिब्रेट करने में भी करोड़ों रुपए का ख़र्च सिस्टम को उठाना पड़ा है. ऐसे में नोटबंदी को लेकर सरकार केवल एक फ़ायदा गिना सकती है, 2017-2018 के इकॉनामिक सर्वे के मुताबिक नोटबंदी के बाद देश भर में टैक्स भरने बहरहाल, पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने सात नवंबर, 2017 को भारतीय संसद में कहा था कि ये एक आर्गेनाइज्ड लूट (संगठित लूट) है, लीगलाइज्ड प्लंडर (क़ानूनी डाका) है. मनमोहन सिंह के इस आरोप का जवाब देने में फ़िलहाल नरेंद्र मोदी सरकार बच रही है. वाले लोगों की संख्या में 18 लाख की बढ़ोत्तरी हुई है. पिछले एक पखवाड़े में सीबीआई और महाराष्ट्र एटीएस ने चरमपंथी गतिविधियों में कथित रूप से शामिल रहने के आरोप में आधा दर्जन...