लोकसभा चुनाव में बीजेपी की भारी जीत के बाद शनिवार को संसद के सेंट्रल हॉल में एनडीए की बैठक हुई
जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल
एनडीए के संसदीय दल का नेता
चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर आकर सबसे पहले संविधान
के आगे नतमस्तक हुए और इसके बाद एनडीए के सभी दलों का धन्यवाद किया.
का नेता चुन लिया
गया.
यहां एनडीए मंच पर सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. नरेंद्र मोदी ने स्वाभाविक है कि एक प्रचंड जनादेश उन्हें मिला है और इससे बहुत सी अपेक्षाएं हैं.
भोपाल से कांग्रेस के वरिष्ठ
नेता दिग्विजय सिंह को हरा कर संसद पहुंचने वाली और मालेगांव धमाके मामले
में अभियुक्त प्रज्ञा ठाकुर को आर्शीवाद देते लाला कृष्ण आडवाणी.
जीत के बाद सांसदों को संबोधित करते हुए मोदी ने अपने भाषण में कहा, "जनप्रतिनिधि के लिए कोई सीमारेखा नहीं होती जिन्होंने आज हम पर विश्वास रखा है हम उनके लिए भी हैं और जिनका
हमें विश्वास जीतना है हम उनके लिए भी हैं. जनप्रतिनिधि होने के नाते हमारा कोई पराया नहीं हो सकता है."
इस मौके पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, '' 1990 के बाद देश की सुरक्षा नीति को हलके में लिया
जाता था, परिवारवाद, जातिवाद, तुष्टिकरण राजनीति पर हावी था लेकिन जनता ने बता दिया कि जो काम करेगा जनता उसके साथ होगी. ''
गुरुवार को देश के सबसे बड़े चुनाव कहे जाने वाले लोकसभा चुनाव के नतीजे लगभग आ चुके हैं.
पीएम नरेंद्र मोदी की पार्टी भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर देश में सरकार बनाने जा रही है.देशभर में खुशी का माहौल है. लेकिन दूसरी तरफ़ विपक्षी पार्टियों के बुरी तरह हार होने पर पार्टी दफ़्तरों के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है.
विपक्षी को बुरी तरह हराने के बाद और पार्टी की जीत के जश्न में चैन्नई में एक महिला अपने चेहरे पर पीएम मोदी का मुखौटा लगाकर नाचती हुई.
झारखंड पुलिस ने बीफ़ से संबंधित दो साल पुरानी फ़ेसबुक पोस्ट के लिए जमशेदपुर के एक आदिवासी प्रोफ़ेसर और
रंगकर्मी जीतराई हांसदा को गिरफ्तार किया है.
हांसदा जमशेदपुर के
कोऑपरेटिव कालेज में पढ़ाते हैं. वे उन चुनिंदा आदिवासी रंगकर्मियों में शामिल हैं, जिन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा (एनएसडी) से पढ़ाई की है. आदिवासियों के विस्थापन पर केंद्रित उनका एक नाटक 'फे़विकोल' काफ़ी चर्चित रहा है और देश में कई जगहों पर मंचन के दौरान उसे दर्शकों की सराहना मिल चुकी है.
झारखंड पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है.
जमशेदपुर स्थित साकची थाना के आफिसर इंचार्ज राजीव कुमार सिंह ने बीबीसी से कहा कि वह काफ़ी वक़्त से फ़रार चल रहे थे. अब उन्हें न्यायिक हिरासत में घाघीडीह जेल भेज दिया गया है.
राजीव कुमार सिंह ने कहा, "जीतराई हांसदा के ख़िलाफ़ जून 2017 में पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने क़रीब सवा साल पहले उन्हें फ़रार दिखाकर चार्जशीट दाख़िल की थी. उसके बाद से वह कोर्ट की कार्यवाही में शामिल नहीं हो रहे थे और पुलिस से भागे फिर रहे थे. उन पर धार्मिक उन्माद फैलाकर दो समुदायों के बीच सौहार्द बिगाड़ने, शत्रुता, घृणा एवं वैमनस्य उत्पन्न करने का आरोप था."
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक़ जीतराई हांसदा ने 29 मई 2017 को अपने फ़ेसबुक वॉल पर बीफ़ खाने के पक्ष में एक पोस्ट किया था. इससे कथित तौर पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका थी.
इसके बाद साकची थाने के सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह को इसकी जांच की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी. उन्होंने चार दिन के अंदर अपनी जांच पूरी की और 2 जून 2017 को उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करा दी. तब वह जमशेदपुर के ग्रेजुएट कॉलेज ऑफ़ वीमेन में पढ़ाया करते थे.
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