K-9 वज्र की एक खेप भारतीय सेना को 9 नवंबर को मिल जाएगी. इसके बाद 40
तोपें नवंबर 2019 तक और बाकी बची तोपें, वर्ष 2020 तक भारतीय सेना को
मिलेंगी. युद्ध के मैदान में हमेशा भारत की तुलना पाकिस्तान और चीन के साथ
की जाती है. इन दोनों ही देशों के साथ हमारा मुकाबला पहाड़ों पर हैं, और वहां के दुर्गम इलाक़ों में जिसका तोपख़ाना दमदार हो, उसी की जीत होती है.
कारगिल की लड़ाई में ये अनुभव भारत को पहले ही मिल चुका है. भारतीय सेना लंबे अरसे से तोपखाने की कमी की शिकायत करती रही है. लेकिन, नई तोपों के
आने से ये शिकायत कुछ हद तक दूर हो गई है. और देश के दुश्मनों का तनाव बढ़
गया है.
बारामूलाः जहां एक तरफ पूरा देश जोश और धूमधाम से दीपावली का त्योहार मना रहे है, वहीं हमारे देश के वीर जवान कठिन परिस्थितियों के बावजूद घर परिवार से दूर ऊंची पहाड़ियों पर देश की सीमाओं को दुश्मनों से सुरक्षित रखने के लिए इस महा उत्सव के दिन भी हाथों में बन्दूक लिए सुरक्षा में लगे हुए हैं. लेकिन इन जवानों से बात करने पर जरा भी यह एहसास नहीं होता कि इन्हें इस त्योहार पर घर से दूर रहने का दुख है. ये शान से कहते हैं कि इन्हें गर्व है कि हम पर देश सुरक्षा का जिम्मा है.
सीमा पर तैनात सिपाही अनुज कुमार का कहना है “ देश धूमधाम से दीपावली मनाये इसलिए हमने मोर्चा संभाला है और जब तक जान है तब तक देश पर कोई आंच नहीं आने देंगे. देश को दीपावली की शुभकामनाएं” हवलदार राजवीर सिंह ने कहा, “देश में में सुख शांति बनी रहे और हम देश की रक्षा हर हाल में कर सकें यही हमारी मनोकामना है”
ऐसा नहीं कि यह लोग दीपावली नहीं मानते, इन जवानों ने अपनी यूनिट को अपना परिवार बना लिया है. शिफ्ट में सीमा की ड्यूटी के बाद, इस दिन पूजा पाठ का भी पूरा बंदोबस्त रहता है. यूनिट में बने मंदिर को शानदार तरीके से सजाया जाता है, भजन कीर्तन होता है. देश, देशवासियों और अपने परिवार की खुशी के लिए प्रार्थना की जाती हैं, मिठाइयां बंटती हैं, दीप जलते हैं.
इन्स्पेक्टर बी.डी.शर्मा ने कहा, “हमारे परिवार को नहीं समझना नहीं चाहिए कि हम दूर हैं, उन्हें गर्व करना चाहिए कि हम देश की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी निभाते हैं. यूनिट का हर साथी हमारा परिवार है” सिपाही विक्रम कहते हैं “हम सब एक साथ मिलकर यह त्योहार मानते हैं. हम यहां पर हैं तो देश के लोग यह महसूस करते हैं कि वो सुरक्षित है. इस बात का हमें गर्व है”
इस मौके पर भारत की जय-जयकार के नारों के साथ साथ देश प्रेम के गानों के साथ धूम धड़का भी दिखा. यहां कहीं पर भी यह महसूस नहीं हुआ कि यह लोग घर से दूर हैं, हर जवान के चहरे पर मुस्कान और देश प्रेम ही दिखा.
नई दिल्ली: दीवाली से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में मंगलवार को भी हवा जहरीली रही लेकिन यहां की हवा में हल्का सा सुधार देखने को मिला और वायुगुणवत्ता 'गंभीर' से 'बहुत खराब की श्रेणी' में आ गई. हालांकि आने वाले दिनों दिल्ली वायु गुणवत्ता कैसी रहेगी यह इस बात पर निर्भर करता है कि दिल्लीवासी दिवाली पर कितने पटाखे फोड़ते हैं
दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) दोपहर 2 बजे 360 था जबकि 12 बजे 385 था जो कि बहुत खराब माना जाता है, वहीं सुबह 9 बजे यह 403 था जो गंभीर श्रेणी में आता है. सोमवार को एयर क्वालिटी दिल्ली-एनसीआर में गंभीर से अधिक ( - ) या आपातकाल श्रेणी में रही. मंगलवार को नमी में थोड़ी सी गिरावट आई.
कृत्रिम वर्षा पर विचार कर रहा है सीपीसीबी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) दिल्ली में खतरनाक प्रदूषण से निपटने के लिए दिवाली के बाद कृत्रिम वर्षा कराने पर विचार कर रहा है। सीपीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वे दिवाली के बाद कृत्रिम वर्षा कराने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर और भारतीय मौसम विभाग से बातचीत कर रहे हैं। दिवाली के बाद प्रदूषण के ‘‘गंभीर से अधिक आपातकालीन’’ श्रेणी में पहुंचने की आशंका है।
अधिकारी ने कहा कि वे मौसमी स्थितियों के स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं और उसके बाद कृत्रिम वर्षा के लिए ‘क्लाउड सीडिंग’ की जाएगी। क्लाउड सीडिंग एक प्रक्रिया होती है जिसके तहत सिल्वर आयोडाइड, ड्राई आइस और नमक सहित विभिन्न रसायनिक तत्वों का इस्तेमाल करके वर्तमान बादलों को घना बनाया जाता है जिससे वर्षा या बर्फबारी की संभावना बढ़ती है। आईआईटी कानपुर के एक प्रोफेसर ने कहा कि मौसमी परिस्थितियों के कृत्रिम वर्षा के लिए अनुकूल होने की निगरानी की जा रही है।
वर्ष 2016 में सरकार ने कृत्रिम वर्षा के लिए क्लाउड सीडिंग की संभावना का पता लगाने का प्रयास किया लेकिन योजना काम नहीं कर पायी। गत वर्ष सरकार ने हेलीकाप्टर से पानी का छिड़काव का प्रस्ताव किया ताकि धूल में कमी लायी जा सके।
बारामूलाः जहां एक तरफ पूरा देश जोश और धूमधाम से दीपावली का त्योहार मना रहे है, वहीं हमारे देश के वीर जवान कठिन परिस्थितियों के बावजूद घर परिवार से दूर ऊंची पहाड़ियों पर देश की सीमाओं को दुश्मनों से सुरक्षित रखने के लिए इस महा उत्सव के दिन भी हाथों में बन्दूक लिए सुरक्षा में लगे हुए हैं. लेकिन इन जवानों से बात करने पर जरा भी यह एहसास नहीं होता कि इन्हें इस त्योहार पर घर से दूर रहने का दुख है. ये शान से कहते हैं कि इन्हें गर्व है कि हम पर देश सुरक्षा का जिम्मा है.
सीमा पर तैनात सिपाही अनुज कुमार का कहना है “ देश धूमधाम से दीपावली मनाये इसलिए हमने मोर्चा संभाला है और जब तक जान है तब तक देश पर कोई आंच नहीं आने देंगे. देश को दीपावली की शुभकामनाएं” हवलदार राजवीर सिंह ने कहा, “देश में में सुख शांति बनी रहे और हम देश की रक्षा हर हाल में कर सकें यही हमारी मनोकामना है”
ऐसा नहीं कि यह लोग दीपावली नहीं मानते, इन जवानों ने अपनी यूनिट को अपना परिवार बना लिया है. शिफ्ट में सीमा की ड्यूटी के बाद, इस दिन पूजा पाठ का भी पूरा बंदोबस्त रहता है. यूनिट में बने मंदिर को शानदार तरीके से सजाया जाता है, भजन कीर्तन होता है. देश, देशवासियों और अपने परिवार की खुशी के लिए प्रार्थना की जाती हैं, मिठाइयां बंटती हैं, दीप जलते हैं.
इन्स्पेक्टर बी.डी.शर्मा ने कहा, “हमारे परिवार को नहीं समझना नहीं चाहिए कि हम दूर हैं, उन्हें गर्व करना चाहिए कि हम देश की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी निभाते हैं. यूनिट का हर साथी हमारा परिवार है” सिपाही विक्रम कहते हैं “हम सब एक साथ मिलकर यह त्योहार मानते हैं. हम यहां पर हैं तो देश के लोग यह महसूस करते हैं कि वो सुरक्षित है. इस बात का हमें गर्व है”
इस मौके पर भारत की जय-जयकार के नारों के साथ साथ देश प्रेम के गानों के साथ धूम धड़का भी दिखा. यहां कहीं पर भी यह महसूस नहीं हुआ कि यह लोग घर से दूर हैं, हर जवान के चहरे पर मुस्कान और देश प्रेम ही दिखा.
नई दिल्ली: दीवाली से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में मंगलवार को भी हवा जहरीली रही लेकिन यहां की हवा में हल्का सा सुधार देखने को मिला और वायुगुणवत्ता 'गंभीर' से 'बहुत खराब की श्रेणी' में आ गई. हालांकि आने वाले दिनों दिल्ली वायु गुणवत्ता कैसी रहेगी यह इस बात पर निर्भर करता है कि दिल्लीवासी दिवाली पर कितने पटाखे फोड़ते हैं
दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) दोपहर 2 बजे 360 था जबकि 12 बजे 385 था जो कि बहुत खराब माना जाता है, वहीं सुबह 9 बजे यह 403 था जो गंभीर श्रेणी में आता है. सोमवार को एयर क्वालिटी दिल्ली-एनसीआर में गंभीर से अधिक ( - ) या आपातकाल श्रेणी में रही. मंगलवार को नमी में थोड़ी सी गिरावट आई.
कृत्रिम वर्षा पर विचार कर रहा है सीपीसीबी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) दिल्ली में खतरनाक प्रदूषण से निपटने के लिए दिवाली के बाद कृत्रिम वर्षा कराने पर विचार कर रहा है। सीपीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वे दिवाली के बाद कृत्रिम वर्षा कराने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर और भारतीय मौसम विभाग से बातचीत कर रहे हैं। दिवाली के बाद प्रदूषण के ‘‘गंभीर से अधिक आपातकालीन’’ श्रेणी में पहुंचने की आशंका है।
अधिकारी ने कहा कि वे मौसमी स्थितियों के स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं और उसके बाद कृत्रिम वर्षा के लिए ‘क्लाउड सीडिंग’ की जाएगी। क्लाउड सीडिंग एक प्रक्रिया होती है जिसके तहत सिल्वर आयोडाइड, ड्राई आइस और नमक सहित विभिन्न रसायनिक तत्वों का इस्तेमाल करके वर्तमान बादलों को घना बनाया जाता है जिससे वर्षा या बर्फबारी की संभावना बढ़ती है। आईआईटी कानपुर के एक प्रोफेसर ने कहा कि मौसमी परिस्थितियों के कृत्रिम वर्षा के लिए अनुकूल होने की निगरानी की जा रही है।
वर्ष 2016 में सरकार ने कृत्रिम वर्षा के लिए क्लाउड सीडिंग की संभावना का पता लगाने का प्रयास किया लेकिन योजना काम नहीं कर पायी। गत वर्ष सरकार ने हेलीकाप्टर से पानी का छिड़काव का प्रस्ताव किया ताकि धूल में कमी लायी जा सके।
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